New Panchatantra Stories in Hindi ! Best 5 PanchTantra Story Hindi men!

New Panchatantra Stories in Hindi

New Panchatantra Stories in Hindi : यहां में पंचतंत्र की पांच प्रमुख कहानियों का संकलन किया है। जिसमें आप चालाक लोमड़ी, प्यासे कौवे और घड़े की कहानी, दो बिल्लियां और बंदर की कहानी के अलावा लोमड़ी की खट्टे अंगूर और लालची कुत्ते की कहानी पढ़ सकते हैं कहानी बहुत ही प्रसिद्ध है

 New Panchatantra Stories in Hindi

कौआ और घड़े की कहानी Kauaa aur ghada Stories

कौआ और घड़ा
कौआ और घड़ा

एक जंगल में एक कौवा रहता था। बात उस समय की है, जब जंगल में बहुत ही गर्मी पड़ रही थी। और कौए को बहुत प्यास लगी थी, लेकिन कौए को कहीं भी पानी नहीं मिल रहा था।  कौए को को लग रहा था कि आखिर वह पानी कहां से पिए? और अपनी प्यास बुझाए। तभी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते हुए पेड़ की टहनी पर जा बैठा। उसी पेड़ के नीचे घड़ा रखा हुआ था। कौए ने देखा कि घड़े में कुछ पानी भरा हुआ है। 

जब कौवा पेड़ की टहनी से उतरकर घड़े के पास पहुंचा, तो घड़े में बहुत ही कम पानी था। जिसकी वजह से कौए की चोंच उस पानी तक नहीं पहुंच सकती थी। और वह अपनी प्यास नहीं बुझा सकता था। कौए को अब और भी ज्यादा प्यास लग रही थी। क्योंकि उसने पानी देख लिया था। 

तभी कौए के दिमाग में एक आईडिया आया। वह आस-पास पड़े कंकड़ों को अपनी चौच से उठाकर घड़े में डालने लगा। जिससे घड़े का पानी धीरे धीरे ऊपर आने लगा। कौवा यह देख बहुत खुश हुआ। उसने और मेहनत की। और बहुत सारे कंकड़ इकट्ठे करने लगा। और घड़े में डालने लगा। आखिरकार घड़े का पानी ऊपर आ गया। और कौआ ने आराम से पानी पी लिया। New Panchatantra Stories in Hindi

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क्या सिखाती है कौआ और घड़े की कहानी?

यह कहानी बहुत ही छोटी सी है, और बहुत ही पॉपुलर है। लेकिन हर कोई इस कहानी को भूल जाता है। यह कहानी हमारी जिंदगी पर बहुत ही सटीक बैठती है। हम जिंदगी में कई बार असफल होते हैं, लेकिन हमें सफलता करने के प्रयास नहीं छोड़ना चाहिए। एक दिन हमें सफलता जरूर मिलेगी। बस हमें सही दिशा में काम करना है। और काम करते रहना है।New Panchatantra Stories in Hindi

चालाक लोमड़ी की कहानी Chalak Lomdi Story in Hindi

चालाक लोमड़ी की कहानी
चालाक लोमड़ी की कहानी

एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। 1 दिन लोमड़ी को बहुत भूख लगी। वह भोजन की तलाश में इधर-उधर घूमने लगी, लेकिन उसे कहीं भी खाने के लिए कुछ भी नहीं मिल रहा था। फिर भी वह पूरे जंगल में इधर उधर भोजन की तलाश करने लगी। अब सुबह से शाम हो गई थी। लोमड़ी कोअब और भी ज्यादा भूख लगने लगी थी, और वह जंगल में भोजन की तलाश में घूमने की वजह से काफी थक भी चुकी थी। उसने सोचा कि पहले थोड़ा आराम कर लिया जाए। इसलिए वह जाकर एक पेड़ के नीचे बैठ गई। ताकि वह आराम कर सके।  

तभी लोमड़ी को उसी पेड़ की डाल पर एक कौवा बैठा दिखाई दिया।  कौवा अपनी चोंच में एक रोटी लिए था। यह देखकर लोमड़ी का दिमाग चलने लगा, और वह सोचने लगी कि आखिर कैसे वह कौवे से रोटी ली जाए। तभी लोमड़ी के खुराफाती दिमाग में एक आईडिया आया। उसने कौवे की प्रशंसा करनी शुरू कर दी। 

..और बोली, कौवा भैया ! 

हमने सुना है कि आप बहुत अच्छा गाना गाते हो। क्या आप अपनी मधुर आवाज से मुझे भी एक गाना सुना सकते हो?

कौवा अपनी तारीफ सुनकर बहुत खुश हुआ। क्योंकि अब तक किसी ने भी उसके गाने या उसकी आवाज की इतनी तारीफ नहीं की थी। कौवा ने लोमड़ी को गाना सुनाने के लिए जैसे ही अपना मुंह खोला तो, उसकी रोटी नीचे गिर गई।  रोटी के नीचे गिरते ही लोमड़ी ने झट से रोटी को अपने मुंह में दबाकर वहां से रफूचक्कर हो लिया। 

कौवा को बहुत ही दुख हुआ क्योंकि वह लोमड़ी की चालाकी नहीं समझ सका था। लोमड़ी कौए की झूठी तारीफ कर रही थी। क्योंकि उसे रोटीचाहिए थी। New Panchatantra Stories in Hindi

क्या सिखाती है कौआ और चालाक लोमड़ी की कहानी?

 इसलिए दोस्तों जब भी कोई हमारी ज्यादा तारीफ करें तो हमें सचेत हो जाना चाहिए और अपनी झूठी तारीफ से बचना चाहिए क्योंकि केवल लोग हम से अपना काम निकलवाने के लिए हमारी झूठी तारीफ है करते हैं और अपना काम निकलते ही वहां से भाग लेते हैं।New Panchatantra Stories in Hindi

दो बिल्ली और बंदर की कहानी 2 Billi aur Bandar Story in Hindi

दो बिल्लियाँ
दो बिल्लियाँ

एक शहर में दो बिल्लियां रहती थी। उसी शहर में एक बंदर भी रहता था। बंदर बहुत ही चतुर और चालाक था।  1 दिन उन दो बिल्लियों को एक रोटी मिली। अब वह उस रोटी को आपस में आधा-आधा बांटना चाहती थी, लेकिन वह यह तय नहीं कर पा रही थी। कि वह इस रोटी को कैसे बिल्कुल आधा-आधा बांट सकें। ताकि ना किसी को रोटी कम मिले और ना ही किसी को रोटी ज्यादा मिले। अब वह रोटी को आपस में बराबर बराबर बांटने के लिए लड़ने लगी। उन्हें कोई उपाय नहीं सूझ रहा था। कि आखिर रोटी को बराबर बराबर कैसे बांटे?

तभी वहां से वह बंदर निकला। जो बहुत ही चतुर और चालाक था। बंदर ने बिल्लियों से आपस में लड़ाई करने का कारण पूछा! तो उन दो बिल्ली ने पूरी कहानी बंदर को बता दी। तभी बंदर ने कहा कि इस बात पर लड़ क्यों रहे हो? मैं इस रोटी को बिल्कुल बराबर बराबर तुम दोनों को बांट सकता हूं। 

बिल्लियों ने पूँछा कैसे?

 बंदर बोला – अभी दुकानदार से तराजू लेकर आता हूं, और आधी आधी रोटी तुम्हारी बांट कर दे दूंगा। 

बिल्लियां राजी हो गई और बिल्लियों को भी यह उपाय ठीक लगा। तभी बंदर तुरंत दुकानदार के पास जाकर उसकी तराजू मांग कर ले आया। और बिल्लियों की रोटी को आधा करके तराजू के दोनों पढ़लो पर रखकर बांटने लगा। अब तराजू के जिस हिस्से में ज्यादा रोटी होती। बंदर उसे तोड़कर अपने मुंह में दवा लेता, और खा लेता।  धीरे-धीरे करके रोटी बहुत ही कम बची। यह देखकर बिल्लियां, बंदर से अपनी रोटी मांगने लगी। लेकिन बंदर ने हाथ खड़े कर दिए। और वह वहां से भाग गया। रोटी भी सारी खत्म हो गई, और बंदर इसी तरह पूरी रोटी खा गया। New Panchatantra Stories in Hindi

क्या सिखाती है दो बिल्ली और बंदर की कहानी?

 तो दोस्तों हमें आपस में नहीं लड़ना चाहिए। अपनी समस्या खुद बैठ कर आराम से निपटाने चाहिए। नहीं तो कई बार कोई चतुर व्यक्ति हमारी आपसी लड़ाई का फायदा उठाकर हमें बेवकूफ बना जाता है।New Panchatantra Stories in Hindi

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लोमड़ी और खट्टे अंगूर की कहानी 2 Lomdi aur Khatte Angur Story in Hindi

अंगूर खट्टे हैं
अंगूर खट्टे हैं

एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। एक दिन लोमड़ी को बहुत भूख लगी। वह भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकती रही, लेकिन उसे कहीं से भी कुछ नहीं मिला। अंत में वह थक कर एक बाग में पहुंची। बाग में बहुत अंगूर लगे थे, लेकिन अंगूर के गुच्छे बहुत ऊपर थे। लोमड़ी के द्वारा कई बार ऊंची ऊंची छलांग लगाने के बाद भी वह अंगूर तक नहीं पहुंच पा रही थी। ऐसा करते-करते जब वह थक गई, और सफल नहीं हुई तो है बाहर जाने लगी और बाहर जाते जाते यह कहने लगी, कि बाग के अंगूर बहुत खट्टे हैं, अगर इन्हें खाऊंगी तो मैं बीमार पड़ जाऊंगी। New Panchatantra Stories in Hindi

क्या सिखाती है लोमड़ी और खट्टे अंगूर की कहानी ?

दोस्तों कई बार हम कुछ चीजें नहीं पा सकते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमें उसकी भी मतलब बुराई करनी चाहिए। हमें कभी भी किसी की बुराई नहीं करनी चाहिए।New Panchatantra Stories in Hindi

लालची कुत्ता की कहानी laalchi Kutta Story in Hindi

लालची कुत्ता
लालची कुत्ता

एक गांव में एक कुत्ता रहता था. कुत्ता बहुत ही लालची था. एक बार वह भोजन की तलाश में इधर उधर भटक रहा था, लेकिन उसे कहीं से भी भोजन नहीं मिल रहा था. अंत में उसे एक होटल के बाहर एक मांस का टुकड़ा मिल गया. जिसे वह अकेले में बैठकर खाना चाहता था.

इसलिए वह उसे लेकर भाग गया, और यह ढूंढ रहा था कि कहीं उसे ऐसी जगह मिल जाए. जहां पर कुछ ना हो, और एकदम शांत माहौल हो और कोई आता-जाता ना हो.

यह करते-करते वह एक नदी के किनारे पहुंच गया. अचानक उसने अपनी परछाई नदी में देखी, तो उसने सोचा कि पानी में कोई दूसरा कुत्ता है. जिसके मुंह में भी मांस का एक टुकड़ा है। उस ने सोचा क्यों ना इसका टुकड़ा भी छीन लिया जाए। तो खाने का मजा दोगुना हो जाएगा। वह उस पर जोर से भौंका। भोंकने से उसका अपना मांस का टुकड़ा नदी में गिर गया। अब वह अपना टुकड़ा भी खो बैठा। वह बहुत पछताया। और पछतावा करता हुआ गांव को वापस आ गया। New Panchatantra Stories in Hindi

 

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