Short Moral Stories in Hindi, Read 100 New Small Story

Short Moral Stories in Hindi

Short Moral Stories in Hindi बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा बहुत जरूरी है। ऐसे में उन्हें बचपन से ही कैसे नैतिक शिक्षा दी जाए, इसके लिए सबसे अच्छा और कारगर उपाय है Moral Stories. जी हाँ, Moral Stories से एक तो उन्हें जल्दी समझ में आ जाता है। और बच्चे इससे जल्दी सीख भी जाते है। Moral Stories न केवल बच्चों के लिए जरूरी हैं, बल्कि यह कहानियाँ बड़े भी बहुत पसंद करते हैं। यदि बच्चे छोटे हैं तो उन्हें यह कहानियाँ पढ़कर सुनानी चाहिए।

यहाँ हमने उन Short Moral Stories को शामिल किया है, जो आपके और आपके बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। अक्सर इन Stories को उन स्कूलों या विद्यालयों में सुनाया और पढ़ाया जाता है। जो की काफी ऊंचा स्तर रखते हैं।

Small moral stories in hindi

Gadha aur Baagh ki Kahani Small moral stories in hindi

gadha be pahni baagh ki khal moral stories for kids
gadha be pahni baagh ki khal moral stories for kids

एक गांव में एक निर्धन धोबी रहता था। उसके पास एक गधा भी था। गधा बहुत ही कमजोर था, क्योंकि उसे खाने पीने के लिए ज्यादा नहीं मिलता था। और ना ही धोबी उसे अच्छे से खिला पाता था। क्योंकि धोबी बहुत ही गरीब था।

एक दिन धोबी को रास्ते में एक मरा हुआ बाघ मिला। उसने सोचा कि मैं अपने गधे के ऊपर एक मरे हुए बाघ की खाल चढ़ा दूंगा। जिससे वह गांव वालों के खेतों में जाकर चर सकेगा। और जल्दी बलवान भी हो जाएगा। गांव के किसान समझेंगे कि वह सचमुच का बाघ है, और उससे डरेंगे। और दूर रहेंगे।

धोबी ने तुरंत अपनी योजना पर अमल कर डाला। उसकी योजना काम कर गई।
एक रात गधा खेत में चल रहा था। कि उसे किसी गधे की रेंकने की आवाज सुनाई दी। उस आवाज को सुनकर वह इतने जोश में आ गया कि वह भी जोर जोर से रेंकने लगा। गधे की आवाज सुनकर किसानों को उसकी असलियत का पता चल गया, और उन्होंने गधे की खूब पिटाई की। जिससे वह मर गया।

कहा गया है कि अपनी सच्चाई नहीं छुपानी चाहिए।

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Chalak Baaj Aur Lomdi ki Kahani Small moral stories in hindi

एक बाज एक पेड़ की डाली पर रहता था। उस पेड़ की खोह में एक लोमड़ी रहती थी। 1 दिन लोमड़ी अपनी खोह से निकली तू बाज उसमें घुस गया। और अपने बच्चों को खिलाने के लिए लोमड़ी के बच्चों को उठाकर ले गया। जब लोमड़ी लोटी, तो उसने बाज से अनुरोध किया, कि उसके बच्चे लौटा दे। लेकिन वह नहीं माना। बाज जानता था, कि लोमड़ी उसके घोसले तक नहीं पहुंच पाएगी। इसलिए उसने लोमड़ी के अनुरोध पर कोई ध्यान नहीं दिया।

लोमड़ी पास के एक मंदिर गई। और वहां से जलती हुई लकड़ी लेकर आई। उसने पेड़ के नीचे आग लगा दी। आग की गर्मी और धुए से बाज घबरा गया। वह अपने बच्चों की जान बचाने के लिए वह जल्दी से लोमड़ी के पास आया और उसने बच्चे लौटा दिए।

निर्दयी व्यक्ति को हमेशा उनसे उसे हमेशा खतरा रहता है जिसे वह परेशान करते हैं।

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Sher aur 3 Bail ki Kahani Small moral stories in hindi

sher aur 3 Bail ki short Moral stories for kids
sher aur 3 Bail ki short Moral stories for kids

एक बार की बात है। तीन बैल आपस में बहुत अच्छे दोस्त थे। वे एक साथ मिलकर घास चरने जाते और बिना किसी राग देश के हर चीज आपस में बांटते थे। एक शेर काफी दिनों से उन तीनों के पीछे पड़ा था, लेकिन वह जानता था कि जब तक तीनों एकजुट है।

तब तक वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। शेर ने उन तीनों को एक दूसरे से अलग करने की चाल चली। उसने बैलों के बारे में अफवाहें उड़ानी शुरू कर दी, और अफवाहें सुन सुनकर उन तीनों के बीच गलतफहमी पैदा हो गई। धीरे-धीरे वह एक दूसरे से जलने लगे।

आखिरकार 1 दिन में झगड़ा हो गया, और वह अलग-अलग रहने लगे। शेर के लिए यह बहुत अच्छा अवसर था। उसने इसका पूरा लाभ उठाया। और एक-एक करके तीनों को उसने मार डाला और खा गया।

Lomdi aur Sher ki Kahani Small moral stories in hindi

एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। एक दिन उसने अपने जीवन में पहली बार किसी शेर को देखा। लंबा आयात, भयानक शरीर, डरावनी दहाड़ और राजा की तरह चाल ढाल देखकर लोमड़ी डर गई। वह वहीं पर बेहोश हो गई, और गिर पड़ी। अगले दिन फिर वही शेर उसे दिखाई दिया। अब वह भी डरी हुई थी, लेकिन उसने साहस जुटाया और अपने डर को छिपाने की कोशिश की और जल्द से जल्द वह वहां से भाग गई।

तीसरे दिन स्थिति और भी पूरी तरह बदल गई। लोमड़ी सीधी शेर के पास पहुंच गई। और बोली जय हो महाराज! सब ठीक-ठाक है ना। वह शेर से बिल्कुल परिचितों की तरह बात करने लगी। अब उसे शेर से बिल्कुल डर नहीं लग रहा था। पिछले 2 दिनों से लगातार शेर को देख देख कर वह उससे परिचित हो गई थी।

इसलिए कहा गया है कि परिचय होने पर साहस मिलता है।

Kauva aur Mor ki Kahani Small moral stories in hindi

कौआ और मोर की Moral Stories
कौआ और मोर की Moral Stories

एक बार एक कोए ने बहुत सारे मोर पंख इकट्ठे किए, और फिर उन मोर पंख को अपने शरीर पर लगा लिया। उसे अपना यह नया रूप बहुत ही अच्छा लगा। और उसने निश्चय किया कि अब वह कौओं के साथ नहीं रहेगा, बल्कि वह अब मोरों के साथ रहेगा। इसके बाद वह अपने पुराने साथियों का तिरस्कार करके मुर्गों के झुंड में जा पहुंचा।

जहां पर मोरो ने उसे तुरंत पहचान लिया। कि हमारे झुंड में एक कौवा भी मोर बन कर आ गया है।

सभी मोरों ने इकट्ठा होकर उसके शरीर पर लगे सभी मोर पंख नोच नोच कर निकाल दिए, और फिर उसका मखौल उड़ाने और उसकी खूब बेइज्जती की। अपमानित और दुखी कोआ भारी मन से अपने घर वापस लौट आया।

कोए के सारे साथी सिर हिलाते हुए उसके आसपास आ पहुंचे। और कहने लगे कि तुम बहुत ही नीचे जीब हो। अगर तुम अपने ही पंखों से संतुष्ट रहते तो, तुम्हें दूसरों से इस तरह का अपमान नहीं सहना पड़ता, और ना ही तुम्हारे अपने लोगों की भी तुमसे घृणा करते।

Short Moral Stories in Hindi

गौरवा, हाथी और कठफोड़वा की कहानी

एक जंगल में एक तमाल का पेड़ था।  तमाल के पेड़ पर गौरवा पक्षियों का एक जोड़ा रहता था।  गौरवा के घोसले में छोटे-छोटे चार अंडे थे। अंडे में से अभी बच्चे निकले ही नहीं पाए थे, कि 1 दिन मतवाले हाथी ने पेड़ की शाखाओं को तोड़ डाला। जिस पर गौरवा पक्षियों का घोंसला था। पक्षी खुद तो बच गए, लेकिन सारे अंडे फूट गए।  गौरवा व्यथित हृदय से रोने लगी। उसे किसी प्रकार से शांति नहीं मिली। 

गौरवा का एक मित्र था कठफोड़वा।  गौरवा को रोते देखकर कठफोड़वा उसके नजदीक जाकर उसको तसल्ली देने लगा। गौरवा ने कहा, उसने हमारे घोसले को तोड़ दिया और सारे अंडों को तोड़ डाला। उसे दंड दिए बिना मेरे मन को शांति नहीं मिलेगी। 

 कठफोड़वा ने कहा, हम उस के सामने बहुत छोटे हैं। परंतु संगठन में बड़ी ताकत होती है। हम लोग मिलकर प्रयास करके उससे बदला ले सकते हैं। मेरी एक सहेली है मधुमक्खी। मैं उसे भी सहायता करने को कहूंगा। गौरवा को आश्वासन देकर कठफोड़वा मधुमक्खी के पास चला गया, और बाकी सारी कहानी उसको सुना दी।

कहानी सुनकर मधुमक्खी भी सहायता के लिए फौरन तैयार हो गई। उन्होंने कहा कि पहले मेरे एक दोस्त मेंढक पास चलना होगा। वह काफी बुद्धिमान है।  उसकी योजना से हम हाथी को जरूर दे सकते हैं, और बह दोनों मेंढक के पास चले गए। 

 कठफोड़वा और मधुमक्खी ने मेंढक को सारी कहानी बताई।  तो ने कहा कि यदि हमारे पास संगठन है तो हाथी क्या चीज है? इसके लिए आप मेरी योजना सुनें। 

मेंढक बोला कल दोपहर को मधुमक्खी, हाथी के पास जाकर सुरीली धुन में गाएगी। जिससे हाथी मदमस्त होकर आंखें बंद कर लेगा।  तभी कठफोड़वा अपनी नुकीली चौच से हाथी की आंखों में चुभा देगा। जिससे वह अंधा हो जाएगा। तभी हम सभी मेंढक एक गहरे गड्ढे से टर्टल की आवाज करेंगे, ताकि हाथी को लगेगा कि यहां पर पानी है और जैसे ही वह पानी की तलाश में आएगा,  तो गहरे गड्ढे में गिर जाएगा। 

दोस्तों दूसरे दिन ऐसा ही हुआ मेंढक की योजना सफल हो गई और हाथी गहरे गड्ढे में गिर गया कुछ दिन बाद भूख से आशा थी उसमें पड़ा पड़ा मर गया। Moral Stories in Hindi in Short

नैतिक शिक्षा : एकता और संगठन में शक्ति होती है।

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Moral Stories in Hindi in Short

Chor ki Khani 

विमलापुर नामक एक नगर था, जो बहुत खुशहाल था; लेकिन नगर में कभी-कभी चोरी की घटनाएँ हो जाया करती थीं। करिया उसी नगर का एक चोर था। जो बहुच चालाक था। उसे कोई पकड़ नहीं पाता था। वह छोटी-मोटी चोरियाँ करके भागने में हर बार कामयाब हो जाता था।

एक दिन रात को जब वह किसी के यहाँ चोरी करने के इरादे से निकला था, तो रास्ते में एक अजनबी मिला। करिया समझ गया कि वह चोर ही होगा। बातचीत के दौरान दोनों समझ गए कि दोनों का एक ही काम (चोरी) है। अजनबी का नाम भैरव था। करिया ने भैरव से कहा, ‘‘उस टोपीवाले आदमी को देखो। वह बहुत अमीर लगता है। मैं उसके पास जाकर देखकर बताता हूँ कि उनकी जेब में क्या है और उसे पता तक नहीं चलेगा।’’

इतना कहकर वह वहाँ से गायब हो गया और थोड़ी देर बाद जब वापस आया तो उसके हाथ में एक बटुआ था। बटुआ खोलकर देखा गया, उसमें सोने के दस सिक्के थे।
यह देखकर भैरव ने मुस्कराते हुए कहा, ‘‘मैं तो इससे भी बढ़कर काम करके दिखा सकता हूँ। मैं मालिक को भी चोर साबित कर सकता हूँ।’’ उसने सोने के सिक्कों में से दो सिक्के निकाल लिये और उनके स्थान पर ताँबे के दो सिक्के रख दिए। उसके बाद वह वहाँ से गायब हो गया।

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Moral stories in Hindi for class 3

कौआ और घड़े की कहानी Kauaa aur ghada Stories

एक जंगल में एक कौवा रहता था। बात उस समय की है, जब जंगल में बहुत ही गर्मी पड़ रही थी। और कौए को बहुत प्यास लगी थी, लेकिन कौए को कहीं भी पानी नहीं मिल रहा था।  कौए को को लग रहा था कि आखिर वह पानी कहां से पिए? और अपनी प्यास बुझाए। तभी पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते हुए पेड़ की टहनी पर जा बैठा। उसी पेड़ के नीचे घड़ा रखा हुआ था। कौए ने देखा कि घड़े में कुछ पानी भरा हुआ है। 

जब कौवा पेड़ की टहनी से उतरकर घड़े के पास पहुंचा, तो घड़े में बहुत ही कम पानी था। जिसकी वजह से कौए की चोंच उस पानी तक नहीं पहुंच सकती थी। और वह अपनी प्यास नहीं बुझा सकता था। कौए को अब और भी ज्यादा प्यास लग रही थी। क्योंकि उसने पानी देख लिया था। 

तभी कौए के दिमाग में एक आईडिया आया। वह आस-पास पड़े कंकड़ों को अपनी चौच से उठाकर घड़े में डालने लगा। जिससे घड़े का पानी धीरे धीरे ऊपर आने लगा। कौवा यह देख बहुत खुश हुआ। उसने और मेहनत की। और बहुत सारे कंकड़ इकट्ठे करने लगा। और घड़े में डालने लगा। आखिरकार घड़े का पानी ऊपर आ गया। और कौआ ने आराम से पानी पी लिया। 

क्या सिखाती है कौआ और घड़े की कहानी?

यह कहानी बहुत ही छोटी सी है, और बहुत ही पॉपुलर है। लेकिन हर कोई इस कहानी को भूल जाता है। यह कहानी हमारी जिंदगी पर बहुत ही सटीक बैठती है। हम जिंदगी में कई बार असफल होते हैं, लेकिन हमें सफलता करने के प्रयास नहीं छोड़ना चाहिए। एक दिन हमें सफलता जरूर मिलेगी। बस हमें सही दिशा में काम करना है। और काम करते रहना है।

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